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रिजका / लूसर्न की खेती: रबी POP व किसान कार्ययोजना | जोधपुर संदर्भ

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रबी • चारा • जोधपुर खंड

स्रोत का वर्ष 2016-17 है, वर्तमान मौसम की आधिकारिक POP नहीं। नीचे पुरानी क्षेत्रीय पुस्तक की खेती-संबंधी जानकारी सरल रूप में दी गई है। किस्म की उपलब्धता, बुवाई का समय, पोषण और उपचार अपने खेत की मिट्टी, पानी व वर्तमान स्थानीय सलाह से मिलाएं। संकलन: 29 अक्टूबर 2026; इसे नई तकनीकी सिफारिश जारी होने की तारीख न समझें।

सीधे पढ़ें: खेत व किस्म · बुवाई · पोषण · पानी · रोग-कीट · कटाई · स्रोत

1. खेत, मिट्टी और किस्म चुनें

बहुकटाई वाला दलहनी चारा। अच्छी भूमि, जल निकास और नियमित सिंचाई वाली जगह चुनें। अमरबेल के इतिहास वाला खेत टालें; साफ बीज बहुत महत्वपूर्ण है।

2. बुवाई का समय और खेत की तैयारी

अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े-दिसंबर के पहले सप्ताह तक बुवाई का संदर्भ; समय पर अक्टूबर बुवाई अधिक चारे के लिए दी गई है।

3. बीज, दूरी और पौध संख्या

20-25 किग्रा बीज/हेक्टेयर और 20-25 सेमी कतार दूरी। उपयुक्त फसल-विशिष्ट राइजोबियम कल्चर लेबल अनुसार लें। दूसरे दलहन का कल्चर स्वतः समान न मानें।

4. खाद और पोषण की योजना

सड़ी कम्पोस्ट खेत में मिलाएं। बहुवर्षीय/बहुकटाई फसल में फॉस्फेट-पोटाश और कटाई बाद पोषण का हिसाब रखें; दलहनी होने पर भी मिट्टी जांच के बिना पोषण शून्य न मानें।

5. सिंचाई और नमी प्रबंधन

अंकुरण पर हल्की सिंचाई; शुरुआत में नमी बनाए रखें। बाद की सिंचाई व कटाई बाद पानी मिट्टी और मौसम के अनुसार दें ताकि फुटान अच्छा रहे।

6. निराई-गुड़ाई और खरपतवार

पहली सिंचाई के बाद बत्तर पर हल्की निराई। अमरबेल को बीज बनने और टुकड़ों के फैलने से रोकें; दूषित बीज व पौध सामग्री को दूसरे खेत में न ले जाएं।

7. रोग-कीट की पहचान और प्रबंधन

अधिक नमी में मृदु रोमिल आसिता और पत्ती खराब होने पर निगरानी करें। दवा लगाने से पहले चारे पर अनुमोदन और पशु खिलाने की प्रतीक्षा अवधि पूछें।

8. कटाई, सुखाई और भंडारण

पहली कटाई लगभग 60 दिन, फिर लगभग 30-35 दिन के अंतराल का संदर्भ। जमीन से 4-5 सेमी ऊपर काटें ताकि दोबारा बढ़वार हो।

9. इस फसल में खास ध्यान

काटे चारे में अमरबेल या अन्य अवांछित पदार्थ न मिलने दें। अचानक बहुत अधिक नया चारा देने की जगह पशु के राशन की योजना पशुपालन विशेषज्ञ से मिलाएं।

खेत में काम करने से पहले यह जाँचें

  • बीज का नाम, बिल, लॉट और अंकुरण जाँचें। किस्म के लिए क्षेत्र व सिंचाई की अनुकूलता पूछें।
  • मिट्टी परीक्षण, पिछली फसल की खाद, उपलब्ध पानी और मौसम देखकर खेत की लिखित योजना बनाएं।
  • जहाँ किग्रा/हेक्टेयर लिखा है वह प्रति हेक्टेयर मात्रा है। उर्वरक पोषक तत्व की मात्रा को यूरिया/DAP की बोरी का वजन न मानें; उत्पाद की संरचना अनुसार स्थानीय विशेषज्ञ से गणना कराएं।
  • खेत में कीट/रोग की तस्वीर के साथ फसल की उम्र और प्रभावित क्षेत्र नोट करें। बिना पहचान कई दवाओं को मिलाकर प्रयोग न करें।

पुराने रसायन संबंधी निर्देशों के बारे में

इन पुरानी पुस्तकों में कुछ ऐसे रसायन, उपचार और घरेलू मिश्रण भी हैं जिन्हें आज की अनुमति मानकर उपयोग नहीं करना चाहिए। यहाँ पुराने कीटनाशी/खरपतवारनाशी/कवकनाशी की दरें और तेजाब या धूमन की घरेलू विधियां नहीं दोहराई गई हैं। किसी उत्पाद की वर्तमान फसल-कीट अनुमति, formulation, label मात्रा, सुरक्षा और कटाई/चारा प्रतीक्षा अवधि की पुष्टि स्थानीय कृषि विभाग/KVK से करें। जैविक उत्पाद भी अपने-आप हानिरहित या प्रमाणित नहीं होते।

मूल स्रोत और संदर्भ

जोधपुर रबी फसलों की उन्नत कृषि विधियां, 2016-17। प्रकाशक: संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), खंड जोधपुर; तकनीकी आधार: कृषि अनुसंधान केन्द्र, मंडोर व क्षेत्रीय सिफारिशें। संबंधित मुद्रित पृष्ठ: 77-79। यह स्वतंत्र सरल संकलन है, मूल विभाग का नया परिपत्र नहीं।

मूल रबी PDF देखें (लगभग 38 MB, पुराना संदर्भ)। PDF में पुरानी रसायन सलाह वर्तमान अनुमति नहीं है।

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